प्रयागराज। औद्यानिक प्रयोग एवं प्रशिक्षण केंद्र खुसरोबाग प्रयागराज में आयोजित हो रहे पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम अंतर्गत केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान रेहमानखेड़ा लखनऊ के पूर्व निदेशक डॉ शैलेंद्र राजन ने अपने वक्तव्य में कहा गया कि वेज ग्राफ्टिंग से तैयार होने वाले अमरुद के पौधे अच्छी गुणवत्ता के एवं जल्दी उत्पादन देते हैं डॉ राजन द्वारा अमरूद की प्रजातियों की चर्चा करते हुए बताया गया कि ललित,स्वेता, थाई पिंक एवं वीएनआर प्रजाति के पौधे अधिक कटाई छटाई मांगते हैं।
इनकी समय से प्रूनिंग करके उत्पादन अधिक प्राप्त किया जा सकता है तकनीकी सत्र में उप निदेशक उद्यान प्रयागराज मंडल प्रयागराज डा कृष्ण मोहन चौधरी द्वारा अमरूद फसल के बाहर नियंत्रण हेतु बैंडिंग टेक्निक की जानकारी दी गई, औद्यानिक प्रयोग एवं प्रशिक्षण केंद्र के प्रशिक्षण प्रभारी वीके सिंह द्वारा केंद्र में तैयार हो रहे अमरूद के कलमी पौधों का प्रायोगिक कार्य कराते हुए प्रतिभागियों को वेज कलम से तैयार होने वाले पौधों के लिए सायन के चयन एवं रूट स्टॉक की तैयारी किए जाने के साथ-साथ उनके गुणों की जानकारी दी गई इसके अलावा डॉक्टर अमित कुमार मौर्य डॉ ललित वर्मा एवं समीक्षा वर्मा द्वारा प्रतिभागियों को जानकारी दी गई।





