रौशन बाग़ बख्शी बाज़ार के रहने वाले आसिफ रिज़वी जो शनिवार रात सब्ज़ी मण्डी में अपनी बहन को छोड़ कर लोकनाथ से अतरसुइया होते हुए घर लौट रहे थे उनके जेब में रखे पर्स में दो हज़ार की नोट में लगभग अठ्ठावन हज़ार क्रेडिट कार्ड ,आधार कार्ड और वोटर आईडी और ड्राइविंग लाइसेंस आदि के साथ ज़रुरी काग़ज़ात थे जो लगभग रात के १२ बजे के क़रीब कहीं गिर गया था।
रात भर आसिफ रिज़वी खोजबीन करते रहे।रविवार को अतरसुइया के रहने वाले ब्रजेश कुमार साहू उनके आवास पहुंचे और वोटर आईडी के पते को दिखा कर पूछ ताछ की और पूरे पैसों को उनको सौंप दिया।ऐसी मानवता बिरले ही देखने को मिलती है।पैसे मिलने के आसिफ उनके अतरसुइया स्थित साहू हार्डवेयर दूकान पहुंचे और ब्रजेश कुमार साहू व उनकी पत्नी के प्रति आभार जताते हुए कुछ पुरुस्कार स्वरुप देना चाहा तो पति पत्नी ने कुछ भी लेने से इन्कार कर दिया।आखिर में आसिफ ने अपने मां की ओर से फल और मिठाई भेंट की।समाजसेवी सय्यद मोहम्मद अस्करी ने बताया की ब्रजेश कुमार साहू और उनकी पत्नी के साथ वहीं पास के मंदिर के पुजारी का भी इस महान कार्य को अन्जाम देने और मानवता की मिसाल पेश करने पर यह कहा जा सकता है की आज भी इन्सानियत ज़िन्दा है।





