प्रयागराज 8 फरवरी को सुबह बाई का बाग चौराहे पर कई दिनों से लावारिस वृद्ध जो बीमार व अस्वस्थ था चलने फिरने में भी असमर्थ था उसके स्थिति आज मरणासन्न अवस्था जैसी देख कर श्री मनोज निषाद जी ने अपनी समाजसेवी सहयोगियों निशा मिश्रा व पूनम यादव जी को उस वृद्ध को अस्पताल में भर्ती करवा कर समुचित इलाज कराए जाने को निर्देशित किया 8 बजे निशा जी ने 108 पर कॉल किया जो लगभग एक घंटे बाद पहुँची 112 पर कॉल किये जाने पर कॉल नही लगने पर थानाध्यक्ष महोदय को कॉल किया गया तब पुलिस कर्मियों के साथ मरीज को भर्ती करने मोतीलाल नेहरू चिकित्सालय पहुचने पर वहां इमरजेंसी में उपस्थित डॉक्टर डॉ ने भर्ती करने से इंकार किया काफी जदोजहद के बाद डॉ के द्वारा बताया गया कि उनके यहाँ गैंगरीन का इलाज किया जाना सम्भव नही है इसलिए हम इनको स्वरूपरानी अस्पताल भेज देते हैं, क्या मंडलीय अस्पताल में गैंगरीन जैसे मामूली इलाज संभव नही है ?
जबकि माननीय प्रधानमंत्री जी,माननीय मुख्यमंत्री जी चिकित्सा मंत्री जी मुफ्त व गरीबों के इलाज के लिए क्या क्या व्यवस्था देते है
द्वितीय चरण में जब रिफर किये जाने पर स्वरूपरानी अस्पताल लेकर पहुँचने पर ट्रामा सेंटर स्वरूपरानी पहुँचने पर एम्बुलेंस कर्मी ने ट्रामा में किसी तरह बात कर ट्रामा में अंदर करवाया वहाँ के जूनियर डॉक्टरों ने भी भर्ती करने से मना कर दिया कहा जब तक कोई सीनियर नही आयेंगे तब तक भर्ती न कर सकते है न इलाज कर सकते है इस बात पर जब EMO से बात किया गया तब उन्होंने भी कहा OPD 2 बजे तक है और OPD के बाद डॉक्टर के आने के बाद ही कुछ किया जा सकता है उस समय लगभग 12 बज रहे थे EMO से निशा मिश्रा व पूनम यादव जी ने निवेदन किया महोदय हम मनावता की वहज से लेकर आये है काफी समय हो गया है फोन नम्बर ले लीजिए जब आपके सीनियर आ जाये कॉल कर दीजियेगा हम तुरन्त आ जायेंगे परन्तु हम सभी उस समय हतप्रत रह गए जब EMO जैसे जिम्मेदार व्यक्ति द्वारा कहा गया जब तक OPD के बाद डॉक्टर नही आते तब तक भर्ती नही किया करेगे और तब तक आप लोग को रुकना पड़ेगा या अपने मरीज को वापस ले जाये इस बात का विरोध करने पर पूनम यादव ने कहा मनावता करने के कारण आप बंधक रखेगे तब EMO साहब काफी उग्र हो गए कहा अभी पुलिस बुला कर आपको जेल भेजेगे तब तुमको पता चलेगा मैं क्या हु तुम जानती नही हो मेरी क्या पवार है जब इस बात की रिकॉर्डिंग हेतु पूनम जी ने फोन निकाला तो EMO व उनके सहयोगियो ने फोन छीनने की कोशिश किया तथा पुलिस से पकड़वाने की धमकी दिया कुछ संभ्रात लोगो द्वारा बचाव किया गया एहसास हुआ स्वरूपरानी अस्पताल में जितने भी मरीज व उनके एटेन्ट के साथ विवाद होता है उसका कारण कुछ ऐसा ही होता होगा ।
इस सम्बंध की भी श्री मनोज जी व पूनम जी प्राचार्य श्री एस पी सिंह जी से सम्पर्क कर स्थिति से अवगत कराना चाहा उस समय वो सीट पर नही थे वापस हम फिर ट्रामा सेंटर पहुंच कर 2 बजे तक सीनियर्स के आने का इंतजार किया उनके आने पर भर्ती की प्रक्रिया आरम्भ हुई उनसभी का सरल व्यवहार से बेहद राहत महसूस हुआ हम सभी आभारी है लेकिन मनावता की दीर्ष्टि से लावारिस अपाहिज की मदद के लिए मण्डलीय अस्पताल से स्वरूपरानी तक प्रताड़ना भुगतते है उसका उदाहरण है कि इन अस्पताल के अधिकारी व डॉक्टरो के रहने से किसी की मदद करना चाहेगा ये एक बहुत बहुत बडा प्रश्न सरकारी सरकारी अस्पताल के कार्यप्रणालीयो पर कौन है इसका जिम्मेदार माननीय मुख्यमंत्री माननीय चिकित्सा मंत्री माननीय मंडलायुक्त माननीय जिलाधिकारी या मुख्यचिकित्सक अधिकारी प्रयागराज






